प्रिय बच्चों क्या आप अल्मोड़ा गए हैं कभी?, हाँ वही अल्मोड़ा जो अपने देश भारत के उत्तराखंड राज्य के हिमालय की खूबसूरत वादियों में है ? आओ वहाँ की कुछ बातें की जाएँ ताकि जब आपका वहाँ जाना हो तो आप एक बेहतरीन स्थान पर जाने से चूक न जाएँ:
अल्मोड़ा की वादियाँ और खूबसूरत लोकेशन पर स्थित भव्य मानसखंड विज्ञान केंद्र, पहली बार मुझे मई 2026 में सोमेश्वर जाते वक़्त दिखा तो बहुत खुशी हुयी कि अल्मोड़ा जैसी सुदूर जगह भी विज्ञान केंद्र है, अब तो राजधानी देहारादून तक दूरी तय करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और उसी दिन सोच लिया कि बेटे पार्थ को घुमाना है एक दिन और वह दिन जल्दी ही आ गया बीती जून 2026 को बेटे पार्थ के साथ सपरिवार मानसखंड विज्ञान केंद्र, भ्रमण हेतु जाना हुआ और यह भ्रमण हम सबके लिए यादगार रहा, चाहे हवा के दबाव संबंधी मॉडल हों, ग्रेविटी का प्रयोग हो, पर्यावरण संकट को लेकर प्रदर्शनी हो, मानव शरीर की वात, पित्त, कफ को लेकर मैम का प्रेजेंटेशन हो या हो तारामंडल, माहौल और मॉडल इतने ध्यान खींचने वाले थे कि 3 घंटे कब बीत गए पता ही नहीं चला, और बेटा पार्थ फिर कह रहा है कि दुबारा जाना है मानसखंड, फिर से देखने हैं वही चकित कर देने वाले मॉडल्स, तो आइए और डीटेल में बात करते हैं मेरे अनुभव और इस बात पर कि आपको भी क्यों जाना चाहिए वहाँ भ्रमण के लिए:

बच्चों आज के समय में विज्ञान केवल पुस्तकों के पन्नों तक सीमित विषय नहीं है। वास्तविक विज्ञान वह है जिसे देखा जाए, छुआ जाए, प्रयोगों के माध्यम से समझा जाए और जीवन से जोड़ा जाए। इसी सोच को साकार करता है मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। यह केंद्र विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं तथा आम नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और विज्ञान को रोचक, सुलभ एवं अनुभवात्मक बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
आप सोच रहे होंगे कि यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या है ? इससे पहले की आपको आगे की यात्रा पर ले चलूँ, आओ बताए देता हूँ :
इसका मतलब ये है कि हमारे आस पास जो कुछ भी होता है उसमें कुछ भी अकारण नहीं होता है, हर घटना के पीछे कुछ न कुछ न कुछ कारण होता है जैसे कि
ऐसे ही बहुत सी बाते हैं, वो फिर कभी, फिल हाल इतना समझो कि दुनिया मे कुछ भी हो रहा तो उसके पीछे कुछ कारण होगा, ऐसा सोचना ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण है|
मानसखंड विज्ञान केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता इसकी इंटरैक्टिव विज्ञान प्रदर्शनी है। यहाँ प्रदर्शित मॉडल केवल देखने के लिए नहीं हैं, बल्कि उन्हें स्वयं संचालित करके विज्ञान के सिद्धांतों को समझा जा सकता है। जब विद्यार्थी किसी वैज्ञानिक सिद्धांत को अपनी आँखों से घटित होते देखते हैं, तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बन जाता है। एक लिंक दे रहा हूँ, वहां से कुछ विडियो आप देख सकते हैं, बाकि तो आपको वहां जाकर ही देखना चाहिए| youtube पर ढूंढें kumarchetna psw (https://www.youtube.com/@kumarCHETNAPSW) या फिर इस चैनल से भी कुछ विडियो देख सकते हैं - https://www.youtube.com/@Uttarakhandkibaatein
केंद्र में जलवायु परिवर्तन पर आधारित इंटरैक्टिव प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र है। वर्तमान समय में बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने, चरम मौसमी घटनाओं और पर्यावरणीय चुनौतियों के संदर्भ में यह प्रदर्शनी बच्चों और युवाओं को जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक कारणों तथा उसके प्रभावों को सरल भाषा में समझने का अवसर प्रदान करती है। यह केवल जानकारी नहीं देती, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करती है।
आप सोच रहे होंगे की ये चरम मौसमी घटनाएं क्या हैं, बस अभी बता रहा हूँ, उदाहरण से समझो- ओले गिरना, बहुत ज्यादा बर्फबारी, हीटवेव (लू चलना अर्थात समय से अधिक गर्म हवाएं चलना), कोल्डवेव (शीतलहर) तूफ़ान (चक्रवात) आना, बिजली गिरना, छोटी सी जगह में कम समय में ही ढेर सारा पानी बरस जाना (बाल फटना) आदि चरम मौसमी घटनाएं कहलाती हैं|
भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीवविज्ञान तथा पृथ्वी विज्ञान जैसे विषयों पर आधारित मौलिक विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों की जिज्ञासा को नई दिशा देती है। अनेक वैज्ञानिक सिद्धांत, जिन्हें कक्षा में केवल सूत्रों या परिभाषाओं के रूप में पढ़ाया जाता है, यहाँ जीवंत मॉडलों के माध्यम से सहज रूप से समझ में आते हैं।
इससे गणित और विज्ञान समझना भी आसान होता है|
मानसखंड विज्ञान केंद्र का विज्ञान उद्यान (Science Park) बच्चों और युवाओं के लिए खुली प्रयोगशाला जैसा है। यहाँ स्थापित वैज्ञानिक उपकरण और मॉडल खेल-खेल में गुरुत्वाकर्षण, ध्वनि, प्रकाश, गति, ऊर्जा तथा अन्य वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने में सहायता करते हैं। यह विज्ञान को आनंददायक बनाता है और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करता है।



आज की शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह सकती; उसे नई खोजों और समस्याओं के समाधान की दिशा में भी प्रेरित करना चाहिए। इसी उद्देश्य से केंद्र में नवाचार संवर्धन केंद्र (Innovation Nourishment Centre) की स्थापना की गई है। यहाँ विद्यार्थी अपने वैज्ञानिक विचारों को विकसित कर सकते हैं, मॉडल बना सकते हैं तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सृजनात्मक सोच को आगे बढ़ा सकते हैं।
गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा के लिए केवल विद्यार्थियों का उत्साही होना पर्याप्त नहीं है; शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण भी उतना ही जरुरी है। मानसखंड विज्ञान केंद्र में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए विज्ञान गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयोग-आधारित शिक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा नवीन शिक्षण विधियों को बढ़ावा दिया जाता है।
विज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह समाज से जुड़ता है। केंद्र का सभागार (Auditorium) वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है। यहाँ आयोजित व्याख्यान, चर्चाएँ, कार्यशालाएँ और विज्ञान संवाद लोगों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा समसामयिक वैज्ञानिक विषयों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
मानसखंड विज्ञान केंद्र केवल अपने परिसर तक सीमित नहीं है। इसके आउटरीच कार्यक्रम विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूरस्थ स्थानों तक विज्ञान शिक्षा पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। विज्ञान प्रदर्शनियाँ, विज्ञान मेले, कार्यशालाएँ और जन-जागरूकता कार्यक्रम विज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अनुभवात्मक शिक्षा, जिज्ञासा-आधारित अधिगम तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास पर विशेष बल देती है। मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा इन उद्देश्यों को व्यवहार में उतारने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह केवल एक विज्ञान संग्रहालय नहीं, बल्कि ऐसा प्रेरणादायी शिक्षण केंद्र है जहाँ विज्ञान को देखा, समझा, अनुभव किया और जीवन से जोड़ा जा सकता है।
यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी प्रश्न पूछे, तर्क करे, प्रयोग करे और समाज की चुनौतियों का वैज्ञानिक समाधान खोजे, तो ऐसे विज्ञान केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा विज्ञान प्रेमियों के लिए मानसखंड विज्ञान केंद्र निश्चित रूप से एक प्रेरणास्पद गंतव्य है।
केंद्र में तैनात सभी उत्साही स्टाफ एवं केंद्र के निदेशक महोदय के प्रति अपना भार व्यक्त करता हूँ|
धन्यवाद
लवकुश कुमार
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