
डॉ॰ प्रीति अग्रवाल द्वारा लिखित यह प्यारी सी पुस्तक, आदरणीय डॉ॰ विजय अग्रवाल सर के जीवन, संघर्ष, कार्यों और अनुभवों पर आधारित है, प्रकाशक बेनतेन बुक्स के शब्दों मे - " यह एक पिछड़े छोटे से गांव में निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे डॉ. विजय अग्रवाल के जीवन की सच्ची कहानी है। यह उस किसी भी ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो अपनी विपरीत परिस्थितियों से हार मानने से इंकार करके अपनी ज़िन्दगी में निरंतर अग्रसर होता जाता है। इसको पढ़ते समय इसमें आपको कई जगह अपनी झलक दिखाई दे सकती है। इस पुस्तक मे आपकी मुलाक़ात केवल घटनाओं से ही नहीं होगी बल्कि उन घटनाओं को जन्म एवं स्वरूप देने वाले जीवन के सूत्रों से भी होगी | 'तृषित' यानि प्यासा | यह आपके लिए ' जीवन के जलकुंड ' का भी काम कर सकती है, आपके जीवन से जुड़े कुछ प्रश्नो के उत्तर देकर "
मैंने क्या बेहतरी महसूस की इस पुस्तक को पढ़कर:
बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय डॉ॰ प्रीति अग्रवाल को कि उन्होने इस पुस्तक को लिखकर हमारे जैसे युवाओं को अपने अजीज डॉ॰ विजय अग्रवाल सर को और बेहतर तरीके से जानने समझने का मौका दिया |
मुझे पूरा विश्वास है कि पाठक इस पुस्तक को पढ़कर बहुत कुछ बेहतरी की तरफ बढ़ सकते हैं फिर चाहे वो जीवन का मामला हो या प्रातियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मामला हो |
शुभकामनायें
अच्छा साहित्य जो पाठक के अंदर स्पष्टता, संवेदनशीलता, सत्यनिष्ठा और गरिमा की भावना जगा सके, समाज को एक प्रेमपूर्ण, साहसी और उत्कृष्ट इंसान दे सकता है।
इस वेबसाईट पर ऐसी रचनाओं का जिक्र किया गया है जो इंसान और दुनिया को लेकर हमारी समझ में स्पष्टता ला सकती हैं।
एक अच्छे लेखक या कवि की एक रचना में उनके कई वर्षों के प्रत्यक्ष अनुभव का समावेश हो सकता है, इन रचनाओं का अध्ययन कर हम उनके अनुभव से लाभान्वित हो सकते हैं।
देश दुनिया में मौजूद उत्कृष्ट साहित्य का लाभ जरूर लें।
शुभकामनाएं